जहां तक मिहिका की आज पूरी तरह शांत नहीं हुई थी, वो अभी भी आद्विक के नीचे दबी हुई थी। आद्विक उसके अंदर तेज़ झटके दे रहा था, और हर झटके के साथ उसकी डिज़ायर की आग धीरे-धीरे शांत हो रही थी। लेकिन जैसे ही उसकी नज़र मिहिका पर पड़ती, उसकी चाहत फिर से भड़क उठती। मिहिका इतनी खूबसूरत लग रही थी कि उसकी नज़रें उस पर से हट ही नहीं रही थीं। बिना कपड़ों के, वो उसके नीचे थी, और आद्विक उसके पोम-पोम के साथ खेल रहा था।
आद्विक ने उसके बूब्स को देखते हुए मुस्कुराते हुए कहा, "साइज़ में तो आ गए हैं ना... फिर मैं इन्हें टच क्यों नहीं कर रहा था? पर don't worry, अब मैं अपने हाथों से इनका साइज़ बढ़ाऊंगा। अब तुम्हें ब्रा पहनने की ज़रूरत नहीं होगी, क्योंकि हर वक्त मेरे दोनों हाथ तुम्हारी ब्रा की जगह लेंगे।"
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